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नवरात्रि सुचितापाण्डेय कलमकासाथ भक्ति दुख-दर्दकेआँसूतकपीजातेलोग रात होनी मनन। खुशियां वापस चिंतन परंतुजोआजहै चिंता मनकेहारेहारहैमनकेजीतेजीतअपनेमनकोखुशरखिएसदैवसफलताहासिलकिजीए छोड़कर चले भी गए परेशानी रुचिकर चिंता छोड़ अपनी करनी शरीर

Hindi चिंता छोड़कर Quotes